
उत्तर प्रदेश की राजनीति हमेशा से देश की दशा और दिशा तय करती रही है। जब भी उत्तर प्रदेश में विकास मॉडल की बात आती है, तो बुनियादी ढांचे (Infrastructure), कानून व्यवस्था और सामाजिक न्याय के इर्द-गिर्द ही विमर्श होता है।
राज्य ने कई सरकारें देखी हैं, लेकिन साल 2007 से 2012 तक का बहुजन समाज पार्टी (BSP) का पूर्ण बहुमत वाला शासनकाल उत्तर प्रदेश के इतिहास में एक 'वाटरशेड मोमेंट' माना जाता है। यह वह दौर था जब सामाजिक न्याय के साथ-साथ विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे की नींव रखी जा रही थी।
आज जब हम एक्सप्रेसवे और शानदार एयरपोर्ट्स देखते हैं, तो यह जानना बेहद दिलचस्प हो जाता है कि इनमें से कई परियोजनाओं की रूपरेखा और खाका (Blueprint) दरअसल BSP सरकार के दौरान ही तैयार किया गया था।
हम गहराई से विश्लेषण करेंगे कि BSP सरकार ने अपने शासनकाल में क्या-क्या ऐतिहासिक काम किए और क्यों आज भी कई राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि उनका विकास मॉडल ज्यादा संतुलित और बेहतर था।
BSP सरकार का संक्षिप्त इतिहास
बहुजन समाज पार्टी की स्थापना और उद्देश्य: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की स्थापना 14 अप्रैल 1984 को मान्यवर कांशीराम द्वारा की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य हाशिए पर रहने वाले समुदायों—अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और धार्मिक अल्पसंख्यकों का सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण करना था।
कांशीराम और मायावती की भूमिका: साल 2001 में मान्यवर कांशीराम ने एक विशाल रैली में बहन कुमारी मायावती को अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित किया। मायावती का मुख्यमंत्री बनना भारतीय राजनीति में एक ऐतिहासिक पल था, क्योंकि वह इस पद पर पहुँचने वाली हाशिए के समुदाय की पहली महिला थीं। उनके नेतृत्व में ही 2007 में BSP ने उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई।
BSP शासनकाल (2007–2012) में हुए प्रमुख विकास कार्य
बसपा सरकार का विजन केवल कागजों तक सीमित नहीं था, बल्कि वह धरातल पर भी नजर आया।
- कानून व्यवस्था में सुधार (Law & Order): BSP सरकार के दौरान कानून व्यवस्था को सख्ती से लागू किया गया। मायावती सरकार की जीरो-टॉलरेंस नीति का आलम यह था कि माफियाओं को जेल भेजा गया और आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS) की स्थापना की गई। पिछली सरकार के दौरान हुई पुलिस भर्ती में अनियमितताओं के कारण 18,000 पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया था, जो भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा कदम था।
- सड़क और बुनियादी ढांचा (Infrastructure): राज्य को देश की राजधानी से जोड़ने के लिए वर्ल्ड क्लास 'यमुना एक्सप्रेसवे' का निर्माण BSP सरकार के दौरान ही किया गया। इसके अलावा, 'गंगा एक्सप्रेसवे' की योजना भी मायावती सरकार की ही उपज थी।
- पार्क और स्मारक निर्माण: महापुरुषों को सम्मान देने के लिए लखनऊ और नोएडा में भव्य पार्कों का निर्माण हुआ। गोमती नगर, लखनऊ में बना 'डॉ. भीमराव अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल' 108 एकड़ में फैला है, जिसमें ज्योतिराव फुले, नारायण गुरु, बिरसा मुंडा, शाहूजी महाराज और कांशीराम की यादों को संजोया गया है।
- सामाजिक न्याय और बहुजन सशक्तिकरण: सरकार ने 'डॉ. अंबेडकर ग्राम विकास योजना' के तहत 24,716 बहुजन बहुल गांवों में पानी, बिजली और सड़कें पहुंचाईं। इसके अलावा, कृषि भूमि (पट्टे) का वितरण भी भूमिहीन गरीब किसानों को किया गया।
- शिक्षा और सामाजिक योजनाएँ: गरीब और मुस्लिम लड़कियों की शिक्षा के लिए 'सावित्री बाई फुले बालिका शिक्षा मदद योजना' के तहत 10 लाख से अधिक साइकिलें बांटी गईं।
BSP सरकार की प्रमुख परियोजनाओं की सूची
आइए उन 15-19 प्रमुख विकास कार्यों पर नजर डालते हैं, जिनकी नींव BSP सरकार ने रखी:
- यमुना एक्सप्रेसवे (Noida-Agra): 165 किलोमीटर लंबे इस सिक्स-लेन एक्सप्रेसवे का निर्माण बसपा शासन में किया गया।
- जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट: आज जिस जेवर एयरपोर्ट (ताज इंटरनेशनल एविएशन हब) की बात होती है, उसकी रूपरेखा और ब्लूप्रिंट बसपा सरकार ने ही तैयार किया था।
- कुशीनगर एयरपोर्ट: बौद्ध पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इस नए एयरपोर्ट का काम भी बसपा ने ही शुरू किया था।
- नोएडा मेट्रो का निर्माण: 557 करोड़ रुपये की लागत से नोएडा मेट्रो की शुरुआत मायावती सरकार में हुई।
- फॉर्मूला वन रेसिंग ट्रैक: देश का पहला 'बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट' (Formula One Track) ग्रेटर नोएडा में बनाया गया, जिसे दुनियाभर में सराहा गया।
- गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय: ग्रेटर नोएडा में 511 एकड़ में फैले इस शानदार विश्वविद्यालय का निर्माण किया गया।
- डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय: विकलांग छात्रों के लिए यह देश का अपनी तरह का पहला विश्वविद्यालय लखनऊ में स्थापित किया गया।
- मान्यवर कांशीराम मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल: ग्रेटर नोएडा में 500 करोड़ की लागत से इस शानदार अस्पताल का निर्माण हुआ।
- डॉ. बी.आर. अंबेडकर मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल: नोएडा के सेक्टर 30 में 510 करोड़ की लागत से इस अस्पताल को बनवाया गया।
- गंगा एक्सप्रेसवे योजना: बलिया से ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाले 1,047 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे की शुरुआत सबसे पहले बसपा ने ही की थी।
- मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना: शहरी गरीबों के लिए 90,000 सस्ते और पक्के घर बनाए गए।
- डॉ. अंबेडकर ग्राम विकास योजना: राज्य के 24,716 गांवों का समग्र विकास किया गया।
- सावित्री बाई फुले बालिका शिक्षा योजना: 10 लाख से अधिक छात्राओं को साइकिलें वितरित की गईं।
- संत रविदास कला सम्मान: 1.25 लाख रुपये के नकद पुरस्कार के साथ इस सम्मान की शुरुआत की गई।
- किसानों का रिकॉर्ड भुगतान: गन्ना किसानों के बकाये का रिकॉर्ड भुगतान बसपा सरकार के समय में ही हुआ।
- एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS): राज्य की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए ATS की स्थापना की गई।
- पिछड़े मुसलमानों को लाभ: पिछड़े वर्ग के मुसलमानों को जाति प्रमाण पत्र जारी करने की पहल की गई।
- सड़कों का जाल: राज्य भर में 5,000 किलोमीटर से अधिक नई सड़कों का निर्माण कराया गया।
- भूमिहीनों को पट्टे: समाज के कमजोर वर्गों को 3 एकड़ जमीन के टुकड़े (पट्टे) बांटे गए और अवैध कब्जों को हटाया गया।
वर्तमान सरकार के विकास कार्य
वर्तमान राज्य सरकार (BJP) ने भी उत्तर प्रदेश में विकास के कई बड़े काम किए हैं:
- एक्सप्रेसवे का जाल: वर्तमान सरकार ने 341 किलोमीटर लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा किया और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे व गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम किया।
- कानून व्यवस्था: NCRB (2023) की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में सांप्रदायिक या धार्मिक दंगों की संख्या शून्य रही है, जो सरकार की एक बड़ी उपलब्धि है। राज्य की अपराध दर राष्ट्रीय औसत से कम है।
- धार्मिक पर्यटन: वर्तमान सरकार का मुख्य फोकस धार्मिक स्थलों के विकास और पर्यटन पर रहा है।
- इंफ्रास्ट्रक्चर: एक्सप्रेसवे के किनारे इंडस्ट्रियल हब (Industrial Hubs) बनाने की योजना पर काम चल रहा है।
BSP सरकार बनाम वर्तमान सरकार
जब हम दोनों सरकारों की तुलना करते हैं, तो प्राथमिकताएं और विकास मॉडल काफी अलग नजर आते हैं:
- बुनियादी ढांचे का श्रेय: वर्तमान सरकार जिन बड़े प्रोजेक्ट्स (जैसे जेवर एयरपोर्ट, गंगा एक्सप्रेसवे) पर काम कर रही है, उनकी योजना और अलाइनमेंट वास्तव में BSP सरकार के समय ही तय हो गए थे। बसपा सुप्रीमो मायावती ने हाल ही में कहा था कि नोएडा और जेवर एयरपोर्ट का विकास उनके ही 'ब्रेनचाइल्ड' (Brainchild) थे।
- विकास का संतुलन: वर्तमान सरकार का फोकस धार्मिक पर्यटन और हाईवे निर्माण पर अधिक है। वहीं, BSP का मॉडल "मैक्रो इंफ्रास्ट्रक्चर" के साथ "माइक्रो वेलफेयर" (निचले स्तर का कल्याण) का था। एक तरफ जहाँ F1 रेसिंग ट्रैक और एक्सप्रेसवे बन रहे थे, वहीं दूसरी तरफ गरीबों के लिए 90,000 पक्के मकान और बच्चियों के लिए साइकिलें भी दी जा रही थीं।
- कानून व्यवस्था का मॉडल: वर्तमान सरकार 'जीरो दंगा' नीति पर चलती है, लेकिन बसपा सरकार ने अपने समय में सत्ताधारी पार्टी के बाहुबली सांसदों तक को जेल भेजकर और 18,000 दागी पुलिसकर्मियों को निकालकर जो नजीर पेश की थी, वह आज भी मिसाल है।
निष्कर्ष (Conclusion)
निष्कर्ष के तौर पर यह कहा जा सकता है कि उत्तर प्रदेश के विकास में हर सरकार का अपना योगदान रहा है। वर्तमान सरकार ने एक्सप्रेसवे के निर्माण को गति दी है और अपराध के ग्राफ को कम किया है।
लेकिन, जब बात बुनियादी ढांचे की शुरुआत (Initiation) और सामाजिक न्याय के संतुलित मॉडल की आती है, तो बहुजन समाज पार्टी (BSP) का 2007-2012 का कार्यकाल कहीं ज्यादा प्रभावशाली और दूरदर्शी साबित होता है।
BSP ने राज्य को न सिर्फ यमुना एक्सप्रेसवे, जेवर एयरपोर्ट का विजन और मेट्रो जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं दीं, बल्कि गरीब, शोषित और वंचित समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर सही मायनों में 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' का नारा चरितार्थ किया। यही कारण है कि आज भी आम जनता के बीच उस दौर के कार्यों की गहरी छाप और सम्मान मौजूद है।
